
बलरामपुर। जिस स्कूल को ज्ञान, संस्कार और सुरक्षा का मंदिर कहा जाता है, उसी विद्या के मंदिर में एक नाबालिग छात्रा की अस्मिता से खिलवाड़ का आरोप सामने आया है। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य द्वारा छात्रा से बैड टच किए जाने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। इस घटना ने न केवल पूरे इलाके को झकझोर दिया है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की नैतिकता और निगरानी पर भी कठोर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी अनुसार, बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक अंतर्गत बरती हायर सेकेंडरी स्कूल से सामने आया यह मामला शिक्षा जगत के लिए शर्मनाक और चिंता जनक है। स्कूल, जिसे बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित और पवित्र स्थान माना जाता है, वहीं स्कूल का ही प्राचार्य नाबालिग छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने का आरोपी बना है।
पीड़ित छात्रा ने साहस का परिचय देते हुए पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। इसके बाद परिजन छात्रा को लेकर वाड्रफनगर पुलिस चौकी पहुंचे और आरोपी प्राचार्य के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने बिना देरी किए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने आरोपी प्राचार्य युवधन जायसवाल के खिलाफ छेड़छाड़ की धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है।
मामला दर्ज होते ही आरोपी प्राचार्य फरार हो गया, जिससे उसके इरादों पर और भी सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। अभिभावक आक्रामक हैं और सवाल पूछ रहे हैं कि जब स्कूल जैसे पवित्र स्थानों में ही बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर भरोसा कहां किया जाए। स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस ने पीड़ित छात्रा का बयान दर्ज कर लिया है और अन्य साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
इधर, जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने फोन पर बातचीत में बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। जांच पूरी होते ही दोषियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि, यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर एक काला धब्बा है, जिसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर विद्या के मंदिरों की पवित्रता और बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने में सिस्टम कहां चूक रहा है।
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