रांची। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) विस्थापन आयोग का गठन करने, लैंड बैंक रद्द करने, जमीन के डिजिटल रेकार्ड में सुधार करने और पेसा की नियमावली लागू करने की मांग को लेकर एक से 15 सितंबर तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी। यह निर्णय मंगलवार को हुई पार्टी की दो दिवसीय राज्य समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य और राज्य के नए प्रभारी तपन सेन ने कहा कि देश के प्राकृतिक संसाधनों की लूट के खिलाफ पिछले दिनों मजदूरों और किसानों की ओर से प्रतिरोध किया गया, जो अपने आप में सही कदम है। उन्होंने रिम्स-2 और सुर्या हांसदा की फर्जी एनकाउंटर में हुई मौत के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों की ओर से विधानसभा सत्र को बाधित करने की आलोचना की। साथ ही भाजपा के विरोध को राजनीतिक नौटंकी करार दिया।
उन्होंने कहा कि यदि नगड़ी के रैयतों को रिम्स-2 के निर्माण से आपत्ति है, तो उसका निर्माण अन्यत्र कराया जाना चाहिए। राज्य सरकार ने घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया है, लेकिन घटना को लेकर भाजपा की ओर से इसका महिमामंडन करना और उसे मसीहा बताना अवसरवादी राजनीति का परिचायक है।
पार्टी की राज्य कमिटी ने झारखंड सरकार विस्थापन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू करने और लैंड बैंक को रद्द कर जल्द अधिसूचना जारी करने की मांग की है। बैठक में संताल परगना प्रमंडल के पाकुड़ और दुमका जिला में कोयला परिवहन से उत्पन्न प्रदूषण, चौपट होती खेती और बढ़ती दुघर्टनाओं पर कारगर हस्तक्षेप करने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता सुरजीत सिन्हा ने की।
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