
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध रूप से की जा रही अफीम की बड़े पैमाने की खेती का खुलासा हुआ है। पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब 3.67 एकड़ में फैली अफीम की खेती नष्ट करते हुए 43 क्विंटल से अधिक मादक पदार्थ बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है और पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है।
पुलिस प्रशासन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 10 मार्च 2026 को थाना प्रभारी कुसमी को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में कुछ लोग रूपदेव राम भगत और कौशिल भगत के खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी, थाना प्रभारी कुसमी तथा प्रशासन, एसएफएल और अन्य विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान खेत में अफीम के पौधे पाए गए और वहां कुछ लोग खेती की रखवाली करते मिले। पूछताछ में उनकी पहचान रूपदेव राम भगत (50 वर्ष) निवासी त्रिपुरी सरनाटोली, कौशिल भगत (30 वर्ष) निवासी त्रिपुरी माचाडीपा, मनोज कुमार (24 वर्ष) निवासी सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया बिहार, जिरमल मुण्डा (56 वर्ष) निवासी भगचंद थाना आस्ता जिला जशपुर, उपेन्द्र कुमार (27 वर्ष) निवासी सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया बिहार, विन्देश्वर (45 वर्ष) निवासी कोलवा थाना जोरी जिला चतरा झारखंड तथा कृष्णा सिंह निवासी कुराग थाना आस्ता जिला जशपुर के रूप में हुई।
मौके पर जांच के दौरान खेत में लगे अफीम के पौधों को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया गया। साथ ही खेत में रखे दो डब्बों में आधा-आधा भरा अफीम का लासा तथा चार बड़ी और एक छोटी बोरी में भरे सूखे फल भी बरामद किए गए। सभी जब्त सामग्री का विधिवत तौल कराया गया, जिसमें कुल 4344.569 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद हुआ। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये आंकी गई है।
इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध क्रमांक 00/2026 दर्ज कर सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा पूरे प्रकरण की एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है और इससे जुड़ी वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने बताया कि जांच में पाया गया कि करीब 1.488 हेक्टेयर (3.67 एकड़) भूमि पर अफीम की खेती की जा रही थी। राजस्व अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि डीसीएस सर्वे में पड़ती के रूप में दर्ज है, जहां सामान्यतः खेती नहीं होती है, इसलिए रबी की गिरदावरी भी नहीं की गई थी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की उपस्थिति में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत जब्ती की कार्रवाई की गई। संयुक्त टीम द्वारा बरामद पौधों और सामग्री को उखाड़कर तौला गया, जिसमें 43 क्विंटल से अधिक अफीम बरामद हुई।
प्रशासन के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें जांच में लगाई गई हैं। साथ ही जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे जिले में पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सघन जांच और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। किसी भी क्षेत्र में अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अफीम या किसी अन्य मादक पदार्थ की खेती की जानकारी मिले तो तत्काल जिला प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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