
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। रामचंद्रपुर में यह साफ हो गया है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों पर हमला करने वालों को कानून किसी भी सूरत में नहीं बख्शता। बालक छात्रावास की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व और पुलिस टीम पर हमला करने वाले सभी आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ ही गए। महीनों तक फरार रहने के बावजूद रामचंद्रपुर पुलिस ने एक-एक कर सभी आरोपियों को पकड़कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
बलरामपुर पुलिस से प्राप्त विज्ञप्ति के अनुसार, थाना रामचंद्रपुर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में दर्ज अपराध क्रमांक 54/2025 के अनुसार, दिनांक 09 दिसंबर 2025 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के आदेश के पालन में बालक छात्रावास रामचंद्रपुर की शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार रामचंद्रपुर, नायब तहसीलदार, पटवारीगण, अन्य राजस्व कर्मचारी एवं पुलिस बल मौके पर मौजूद थे।
इसी दौरान आरोपितों द्वारा संगठित होकर शासकीय अमले का खुला विरोध किया गया। आरोप है कि आरोपितों ने तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की, गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से हमला करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, आरोपितों ने लगभग दो घंटे तक अधिकारियों को घेरकर रखा और सड़क जाम कर शासकीय कार्य को पूरी तरह बाधित किया।
15 आरोपित गिरफ्तार,
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपितों में सबर हुसैन (45), जमरूददीन अंसारी (42), मददा हुसैन (24), फिदा हुसैन (38), शमसेर अंसारी (22), मोनिश रजा (19), इनताज अली (34), मुजाहिद हुसैन (30), अरशद एजाज (34), गुलाम यजदानी (25), शेरू मंसूरी (24), मकसूद आलम (26), मोसब्बर अंसारी (37), आलम अंसारी (55) एवं इंतखाब अंसारी (32) शामिल हैं। सभी आरोपित रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र एवं आसपास के ग्रामों के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस की सख़्त कार्रवाई
घटना के बाद से सभी आरोपित लगातार फरार चल रहे थे और विवेचना में पुलिस को सहयोग नहीं कर रहे थे। रामचंद्रपुर पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही थी। मुखबिर से प्राप्त ठोस सूचना के आधार पर दिनांक 09 फरवरी 2026 को पुलिस ने सभी 15 आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और पर्याप्त साक्ष्य संकलन के पश्चात विधिवत गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी की सूचना आरोपितों के परिजनों को दी गई तथा सभी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने, अधिकारियों पर हमला करने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ आगे भी सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद यह संदेश स्पष्ट है कि कानून से कोई ऊपर नहीं है और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों को अंततः पुलिस के सामने झुकना ही पड़ता है।
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