
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले लगभग 35 वर्षों से एक धाकड़ नेता के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले अजित पवार संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी थे। वे आम लोगों के लिए सहज रूप से उपलब्ध रहने वाले जननेता थे। उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वाकांक्षी और प्रभावशाली नेता के रूप में जाना जाता रहा है।
‘दादा’ के नाम से पहचाने जाने वाले, अपनी बात के पक्के अजित पवार को लेकर आई विमान दुर्घटना की खबर ने न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। यह दुर्घटना पुणे जिले के बारामती में हुई, जहां हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मृत्यु हो गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अजीत पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) (एसपी) नेता शरद पवार को फोन कर अपनी संवेदनाएं भी प्रकट कीं।
अजीत पवार ने राज्य की राजनीति में प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में विशेष ख्याति अर्जित की थी। महाराष्ट्र की राजनीति में ध्रुव तारे की तरह चमकने वाले पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के राहुरी तालुका के देवलाली प्रवरा में अनंतराव गोविंदराव पवार के घर हुआ था। कम उम्र में ही परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी, जिससे वे सामाजिक समस्याओं और आम लोगों के संघर्षों से गहराई से परिचित हुए।
इसी दौरान किसानों के प्रति उनकी गहरी सहानुभूति विकसित हुई। उन्होंने किसानों के संघर्षों को नजदीक से समझा और उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। अजीत पवार की नेतृत्व यात्रा दुग्ध संघों, सहकारी समितियों, चीनी कारखानों और बैंकों से जुड़ने के साथ शुरू हुई।
वर्ष 1991 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसी वर्ष वे पहली बार बारामती से लोकसभा के लिए चुने गए। बाद में उसी वर्ष बारामती विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। तब से अब तक वे लगातार सात बार इसी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित होते रहे और वर्तमान में भी वहीं से विधायक थे। उनके नाम महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद पर सबसे लंबे समय तक रहने का रिकॉर्ड दर्ज है। वे राज्य की मौजूदा महायुति सरकार में भी उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे।
अपने पद और कद की परवाह किए बिना अजीत पवार जनता दरबारों के माध्यम से आम जनता से सीधे संवाद करते थे। वे पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ समान व्यवहार करते थे और प्रशासनिक कार्यों में तेजी के लिए जाने जाते थे। पढ़ने के शौकीन अजीत पवार को क्रिकेट, टेनिस, खो-खो और कबड्डी में भी विशेष रुचि थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अजीत पवार को आमजन का नेता बताते हुए सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि उनका जमीनी स्तर से गहरा जुड़ाव था। उन्होंने सदैव महाराष्ट्र की जनता की सेवा को प्राथमिकता दी। प्रशासनिक विषयों की उनकी समझ और गरीब व वंचित वर्गों के सशक्तीकरण के प्रति उनका समर्पण उल्लेखनीय था। उनका असमय निधन अत्यंत चौंकाने वाला और दुखद है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेरे प्रिय मित्र और साथी, लोगों से गहरे जुड़ाव वाले जननेता, उपमुख्यमंत्री अजीतदादा पवार का एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह अत्यंत चौंकाने वाली और हृदय विदारक खबर है। मैं स्तब्ध हूं। इस दुख को व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने अपने उस बहादुर मित्र को खो दिया है, जिनका दिल बहुत बड़ा था। यह मेरे लिए व्यक्तिगत और अपूरणीय क्षति है।
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