
हजारीबाग। हजारीबाग सदर एसडीओ अशोक कुमार के खिलाफ आक्रोश भड़क उठा। सदर एसडीओ और उनके माता-पिता और भाई-भाभो पर पत्नी अनिता देवी को जलाकर मार देने का आरोप है। अनिता देवी की मौत के बाद शनिवार को उनकी पत्नी का शव लेकर परिजनों ने हजारीबाग लोहसिंगना थाने का घेराव किया। अनिता देवी के परिजनों का कहना था कि या तो उनकी बेटी लौटा दीजिए, नहीं तो सदर एसडीओ अशोक कुमार को फांसी दीजिए।
पुलिस और प्रशासन पर भी लोगों का आक्रोश भड़का हुआ था। उनका कहना था कि आम आदमी के साथ कुछ केस होता है, तो पुलिस तुरंत कार्रवाई कर जेल भेज देती है। लेकिन एसडीओ ने उनकी बहन-बेटी को जिंदा जलाकर मार दिया और 48 घंटे के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की है। जब तक एसडीओ और उसके परिजनों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे लोग वहां से मिलनेवाले नहीं है। अनिता देवी के भाई ने बताया कि देव कमल हास्पिटल रांची में उनकी बहन को होश आया था, तो इशारों से उसने सारी घटना बता दी।
जब बहन का शव लेकर रांची से चले, तो सदर एसडीओ ने अपने गुर्गों के साथ उन लोगों कै धमकाया और शव को छिनने का प्रयास किया। शिवपुरी से जुटे सैकड़ों लोग डीसी-एसपी को लोहसिंगना थाना बुला रहे थे और कल्लू चौक जाम करने की तैयारी में जुटे थे। समाचार लिखे जाने तक थाने का घेराव व प्रदर्शन जारी था। सदर सीओ और जिला प्रशासन के एक अन्य अधिकारी अनिता देवी के परिजनों और लोगों को समझाने के प्रयास में जुटे थे। लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं थे।
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