
कोलकाता। कोलकाता के आनंदपुर में हुए भीषण गोदाम अग्निकांड ने भयावह रूप ले लिया है। आग बुझने के बाद सामने आ रही तस्वीरें और आंकड़े लगातार दहला रहे हैं। हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 27 लोग अब भी लापता हैं। इस बीच लापरवाही के आरोप में एक गोदाम मालिक की गिरफ्तारी हुई है और प्रशासनिक चूक को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके आनंदपुर स्थित दो गोदामों में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद से अब भी करीब 27 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। यह आग सोमवार तड़के करीब तीन बजे लगी थी, जिस पर काबू पाने में दमकल विभाग को लगभग 36 घंटे का समय लगा और मंगलवार दोपहर जाकर हालात नियंत्रित हो सके।
इस मामले में जले हुए पुष्पांजलि डेकोरेटर्स गोदाम के मालिक गंगाधर दास को लापरवाही से मौत के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार रात उन्हें गरिया इलाके से हिरासत में लिया गया और बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुष्पांजलि डेकोरेटर्स का गोदाम प्रसिद्ध फूड ब्रांड ‘वॉव मोमो’ के गोदाम से सटा हुआ था, जो आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। पुलिस ने वॉव मोमो के मालिकों के खिलाफ भी समान धाराओं में मामला दर्ज किया है, हालांकि अभी तक कंपनी की ओर से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
वॉव मोमो ने बुधवार रात जारी बयान में पुष्टि की कि इस हादसे में कंपनी के तीन कर्मचारियों की मौत हुई है। बयान के अनुसार, 26 जनवरी की तड़के करीब तीन बजे पास के एक गोदाम में लगी आग फैलते हुए उनके गोदाम तक पहुंच गई, जिससे पूरा परिसर नष्ट हो गया। कंपनी ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा करते हुए प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये, आजीवन मासिक वेतन और बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च वहन करने की बात कही है। कंपनी का यह भी दावा है कि आग पड़ोसी गोदाम में अवैध रूप से खाना पकाने के कारण लगी।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय गोदामों में मौजूद लोगों की सटीक संख्या अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। कई शव बुरी तरह झुलस चुके हैं, जिससे उनकी पहचान संभव नहीं हो पा रही है। अदालत से अनुमति मिलने के बाद डीएनए जांच के जरिए मृतकों की पहचान कराई जाएगी।
अग्निकांड के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। दमकल विभाग की शिकायत पर नरेंद्रपुर थाने में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए भी अलग से मामला दर्ज किया है।
दमकल विभाग के महानिदेशक रणवीर कुमार ने घटनास्थल का दौरा कर बताया कि दोनों गोदामों को किसी प्रकार की अग्नि सुरक्षा मंजूरी नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विभागीय स्तर पर चूक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसकी जांच की जाएगी।
इस बीच कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये गोदाम भरी हुई आर्द्रभूमि (वेटलैंड) पर बनाए गए थे। हालांकि, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि गोदाम वेटलैंड पर बने थे या नहीं, और उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी नई वेटलैंड को नहीं भरा जा रहा है।
मेयर फिरहाद हकीम ने मंगलवार को घोषणा की कि अग्निकांड में मारे गए और लापता लोगों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। शवों या अवशेषों की पहचान के बाद परिजनों को चेक सौंपे जाएंगे। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को ऐलान किया कि इस अग्निकांड में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को सिविक वॉलंटियर की नौकरी दी जाएगी।
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