
रांची। झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान में लगातार गिरावट और शीतलहर की मार को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के संचालन को लेकर अहम निर्णय लिया गया है, वहीं जनजीवन, खेती और यातायात पर भी ठंड का सीधा असर साफ नजर आने लगा है।
रांची जिले में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहरी की चेतावनी के बीच जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर जिले के सभी निजी स्कूलों में केजी से लेकर छठी कक्षा तक की पढ़ाई 14 जनवरी तक पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सातवीं से बारहवीं कक्षा तक की कक्षाएं अब सुबह 10 बजे के बाद ही संचालित होंगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यालय में पहले से परीक्षाएं निर्धारित हैं, तो उनके आयोजन को लेकर अंतिम निर्णय स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर ले सकता है। साथ ही अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी तरह की लापरवाही न करें। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी फैसले लिए जा सकते हैं।
राज्य में ठंड के मामले में मैक्लुस्कीगंज इस समय सबसे आगे है, जहां तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। अन्य जिलों में भी पारा बेहद निचले स्तर पर दर्ज किया जा रहा है। राजधानी रांची में भी ठंड ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, जहां न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों ही औसत से काफी नीचे बने हुए हैं। कई जिलों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है।
भीषण ठंड का असर खेती पर भी दिखने लगा है। मैक्लुस्कीगंज और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेतों और घास पर पाले की परत जम गई है, जिससे सब्जियों और रबी फसलों को नुकसान की आशंका गहराती जा रही है। किसान चिंतित हैं और मौसम के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
ठंडी हवाओं और घने कोहरे के कारण सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लोग बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह मौसम खास तौर पर खतरनाक माना जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने गर्म कपड़े पहनने, अलाव का उपयोग करने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
कोहरे की मार हवाई सेवाओं पर भी पड़ी है। रांची एयरपोर्ट से संचालित कई उड़ानों में देरी देखी गई, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विजिबिलिटी कम होने के कारण विमानों के परिचालन में दिक्कत आई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सुबह के वक्त कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है और यात्रियों को समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने तथा उड़ानों की स्थिति की जानकारी लेते रहने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, राज्य में ठंड का असर हर स्तर पर महसूस किया जा रहा है। प्रशासन, किसान और आम लोग—सभी की नजरें अब मौसम के मिजाज पर टिकी हैं।
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